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अर्थव्यवस्था: मोदी सरकार ने दी मंदी को मात, सेंसेक्स ने भरी उड़ान 

नवाबस्ट्रीट: मोदी सरकार ने मंदी को भी मात दे दी. मार्केट में चल रही सुस्ती को दूर करने के लिये शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू कंपनियों को ऐसा सरप्राइज़ दिया कि शेयर बाजार भी खुशी से उछल पड़ा. बाजार के विशेषज्ञ तो इसे मोदी सरकार का मिनी बजट तक कह रहे हैं. सीतारमण ने शुक्रवार को नई घरेलू कंपनियों के लिये कॉर्पोरेट टैक्स की दर घटाकर 22 प्रतिशत कर दी. इससे मार्केट ग्रोथ की सुस्ती भाग गई और उसने फिर से रफ्तार पकड़ ली. बाजार में दीवाली से पहले ही दीवाली जैसा माहौल सृजित हो गया है. शेयर बाजार में 1900 अंकों की बढ़त देखने को मिली, वहीं रुपये ने भी मजबूती की राह पकड़ ली.

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने सुस्त अर्थ व्यवस्था को गति देने और निवेश बढ़ाने के लिये शुक्रवार को कुछ और महत्वपूर्ण घोषणाएँ की, जिनका घरेलू कंपनियों के साथ-साथ शेयर बाजार ने भी उत्साह से स्वागत किया. उन्होंने घरेलू कंपनियों और नई घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिये कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में कटौती की घोषणा की. उन्होंने कॉर्पोरेट टैक्स की दर घटाकर 22 प्रतिशत कर दी, जो पहले सरचार्ज तथा सेस को जोड़कर लगभग 30 प्रतिशत थी. अब इस कटौती के बाद नई दर 25.17 प्रतिशत हो जाएगी. केन्द्र सरकार के इस कदम व अन्य रियायतों से सरकारी खजाने पर 1.45 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक भार पड़ेगा. सीतारमण के अनुसार यह टैक्स बदलाव इसी वित्त वर्ष यानी 2019-20 से लागू होगा. हालाँकि यह लाभ उन घरेलू कंपनियों को मिलेगा, जिन्होंने कोई इंसेंटिव या छूट नहीं ली होगी.

केन्द्रीय मंत्री ने इंसेंटिव और छूट लेने वाली कंपनियों को राहत देने के लिये भी कुछ ऐलान किये हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को मिनिमम ऑल्टरनेट टैक्स (MAT) में राहत दी जाएगी. उन्होंने मैट को 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया प्रकल्प को बूस्ट देने के लिये इनकम टैक्स में एक और क्लॉज जोड़ा. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में 1 अक्टूबर के बाद गठित घरेलू कंपनी जो मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करेगी, उसे 15 प्रतिशत की दर से आयकर चुकाने का विकल्प दिया जाएगा. अर्थात् 1 अक्टूबर-2019 को या उसके बाद भारत में शुरू हुई किसी भी कंपनी पर जो 31 मार्च 2023 से पहले अपना उत्पादन शुरू कर देती हैं तो उन्हें 15 प्रतिशत की दर से टैक्स का विकल्प मिलेगा. जबकि सभी तरह के सरचार्ज और सेस जोड़कर 17.10 प्रतिशत प्रभावी दर होगी.

निर्मला सीतारमण ने शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों को भी एक और सौगात दी है. उन्होंने कहा कि 5 जुलाई-2019 से पहले शेयरों के बायबैक का ऐलान करने वाली कंपनियों पर सुपर रिच टैक्स नहीं लगेगा. कैपिटल मार्केट में फंड का प्रवाह बढ़ाने के लिये केन्द्रीय वित्त मंत्री के अनुसार जुलाई में बजट में बढ़ाया गया सरचार्ज कंपनी में शेयरों की बिक्री और इक्विटी फंड यूनिट बिक्री से होने वाले कैपिटल गेंस पर प्रभावी नहीं होगा. इनमें FPIs के डेरिवेटिव्स भी शामिल हैं.

निर्मला सीतारमण की इन घोषणाओं के बाद शेयर बाजार में तेजी आ गई. बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखने को मिली. कुछ ऑटो कंपनियों के शेयरों में 10 प्रतिशत से भी ज्यादा का उछाल देखने को मिला. जबकि कुछ बैंकों के शेयरों में भी 8 से 9 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली. बीएसई के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स में लगभग 1900 अंकों का उछाल देखने को मिला, वहीं निफ्टी में भी 500 से अधिक अंकों की बढ़त देखने को मिली. मंदी के वातावरण के कारण शेयर बाजार में भी सुस्ती थी, कई दिनों के बाद सेंसेक्स ने 38 हजार के स्तर को और निफ्टी ने 11 हजार के स्तर को पार किया है.

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